आज आइए जानते हैं भारतीय रसोई में उपयोग होने वाले मसालों के पीछे छिपे वैज्ञानिक तथा ज्योतिषीय दृष्टिकोण को
ग्रहों से संबंध (ज्योतिषीय मान्यता अनुसार)
🍚 नमक (पिसा हुआ) — सूर्य
🌶 लाल मिर्च (पिसी हुई) — मंगल
🧀 हल्दी (पिसी हुई) — गुरु
🌿 जीरा (साबुत/पिसा) — राहु-केतु
🌿 धनिया (पिसा हुआ) — बुध
⚫ काली मिर्च (साबुत/पाउडर) — शनि
🍋 अमचूर — केतु
🍲 गरम मसाला — राहु
🌱 मेथी — मंगल
👉 मसालों के सेवन से न केवल स्वास्थ्य संतुलित रहता है बल्कि ज्योतिषीय मान्यता अनुसार ग्रहों के प्रभाव भी संतुलित किए जा सकते हैं।
मसाले, ग्रह और स्वास्थ्य लाभ
सौंफ
सौंफ का संबंध शुक्र और चंद्र से माना जाता है।
- भोजन के बाद मिश्री के साथ लेने से एसिडिटी व जी मिचलाना कम होता है।
- गुड़ के साथ सेवन कर घर से निकलने पर मंगल से जुड़े कार्यों में सफलता की मान्यता है।
दालचीनी
मंगल व शुक्र को संतुलित करने वाली मानी जाती है।
- शहद के साथ सेवन करने से शरीर में ऊर्जा बढ़ती है।
- सर्दियों में कफ संबंधी समस्याओं में लाभकारी।
काली मिर्च
शुक्र व चंद्र को प्रभावित करने वाली मानी जाती है।
- कफ कम करती है।
- स्मरण शक्ति बढ़ाने में सहायक मानी जाती है।
- तांबे के बर्तन में रखकर डाइनिंग टेबल पर रखने से नज़र दोष से बचाव की मान्यता है।
जौ
सूर्य व गुरु से संबंध माना जाता है।
- जौ के आटे की रोटी पथरी की संभावना कम करने में सहायक मानी जाती है (पारंपरिक मान्यता)।
हरी इलायची
बुध ग्रह को मजबूत करने वाली मानी जाती है।
- दूध में पकाकर लेने से दूध पचाने में आसानी होती है।
- पाचन में सहायक।
हल्दी
बृहस्पति (गुरु) से संबंध।
- हल्दी दूध हड्डियों, संक्रमण व सूजन में लाभकारी।
- हल्दी की गांठ पीले धागे में धारण करना गुरु के शुभ फल हेतु पारंपरिक उपाय माना जाता है।
जीरा
राहु-केतु का प्रतिनिधि माना जाता है।
- भोजन में उपयोग से पाचन सुधरता है।
- दैनिक जीवन में शांति व संतुलन की मान्यता।
हींग
बुध ग्रह से संबंध।
- वात-पित्त नियंत्रण में सहायक।
- पाचन शक्ति बढ़ाती है।
- क्रोध प्रवृत्ति कम करने की पारंपरिक मान्यता।
निष्कर्ष
भारतीय रसोई के मसाले केवल स्वाद ही नहीं बढ़ाते, बल्कि आयुर्वेदिक दृष्टि से स्वास्थ्य लाभ भी देते हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इनका ग्रहों से संबंध जोड़कर शारीरिक, मानसिक व आध्यात्मिक संतुलन का माध्यम भी माना गया है।